संक्षेप में: अगर आप प्रेग्नेंट नहीं हैं, तो पीरियड लेट होने की सबसे आम वजहें हैं: तनाव, अचानक वज़न घटना या बहुत कम खाना, ज़्यादा वज़न, बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़, PCOS, थायरॉइड की समस्या, हार्मोन वाली गर्भनिरोधक दवाएं, स्तनपान, मेनोपॉज़ से पहले का समय और कोई बीमारी। एक बार पीरियड लेट होना आमतौर पर गंभीर नहीं होता और अक्सर अगले महीने ठीक हो जाता है। अगर आपने बिना सुरक्षा के संबंध बनाए हैं, तो पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करें। लगातार तीन पीरियड न आएं, या पीरियड लेट होने के साथ शरीर में और बदलाव दिखें, तो डॉक्टर से मिलें।
पहले यह देखें: क्या पीरियड सच में लेट है?
घबराने से पहले अपनी तारीखें जांच लें। गिनती पिछले पीरियड के पहले दिन से करें, आखिरी दिन से नहीं। NHS के अनुसार बड़ी उम्र की महिलाओं में 21 से 35 दिन का साइकिल आम है। यानी 34वें दिन पीरियड आना भी आपके लिए सामान्य हो सकता है। ज़्यादातर महिलाओं का साइकिल हर महीने कुछ दिन आगे पीछे होता ही है।
एक आसान नियम: अगर आपका सबसे लंबा साइकिल भी एक हफ़्ते या उससे ज़्यादा पार हो गया है, तो पीरियड को लेट मानना ठीक है। अगर आपका साइकिल हमेशा से अनियमित रहा है, तो एक बार की देरी का कोई खास मतलब नहीं भी हो सकता। अपनी सामान्य रेंज कैसे निकालें, यह अगले पीरियड की तारीख कैसे निकालें वाले लेख में असली उदाहरणों के साथ समझाया गया है।
जिन लड़कियों के पीरियड शुरू हुए अभी कुछ ही साल हुए हैं, उनमें साइकिल का ऊपर नीचे होना आम है। शरीर को एक पैटर्न में आने में समय लगता है।
पहले प्रेग्नेंसी की संभावना खत्म करें
अगर आपने बिना गर्भनिरोधक के संबंध बनाए हैं, या गर्भनिरोधक के फेल होने का शक है, तो सबसे पहले प्रेग्नेंसी जांचें, भले ही आपको पूरा यकीन हो कि वजह कुछ और है।
- ज़्यादातर घरेलू प्रेग्नेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के पहले दिन से काम करते हैं।
- अगर आपको नहीं पता कि पीरियड कब आना था, तो आखिरी बार बिना सुरक्षा के संबंध के कम से कम 21 दिन बाद टेस्ट करें।
- पॉज़िटिव रिज़ल्ट लगभग हमेशा सही होता है। नेगेटिव रिज़ल्ट पर उतना भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए पीरियड न आए तो कुछ दिन बाद दोबारा टेस्ट करें।
- दूसरा टेस्ट भी नेगेटिव हो और पीरियड अब भी न आए, तो डॉक्टर से मिलें।
टेस्ट किट हर केमिस्ट की दुकान पर मिल जाती है। दिन में किसी भी समय का पेशाब इस्तेमाल कर सकती हैं, बस पैकेट पर लिखे निर्देश ध्यान से मानें। अगर शरीर के संकेत उलझा रहे हैं, तो पीरियड से पहले का डिस्चार्ज या शुरुआती प्रेग्नेंसी वाला लेख पढ़ें।
पीरियड लेट होने की 10 आम वजहें
1. तनाव
तनाव पीरियड लेट होने की सबसे आम वजहों में से एक है। आपका साइकिल दिमाग का एक हिस्सा कंट्रोल करता है, जिसे हाइपोथैलेमस कहते हैं। यही हिस्सा तनाव पर भी प्रतिक्रिया देता है। दबाव में होने पर यह ओव्यूलेशन, यानी अंडा निकलने की प्रक्रिया, को टाल सकता है, और इसलिए पीरियड देर से आता है। बोर्ड परीक्षा, नौकरी का इंटरव्यू, नए शहर में शिफ्ट होना, घर में शादी की तैयारी, पैसों की चिंता या बीमार माता पिता की देखभाल, ये सब ऐसा कर सकते हैं। दबाव कम होते ही साइकिल अक्सर ठीक हो जाता है।
अगर तनाव या उदासी आपकी नींद, खाने या रोज़ के कामों पर असर डाल रही है, तो डॉक्टर से बात करें। आप सरकार की मुफ़्त मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन Tele-MANAS पर 14416 पर भी कॉल कर सकती हैं।
2. अचानक वज़न घटना या बहुत कम खाना
पीरियड का साइकिल चलाने के लिए शरीर को पर्याप्त ऊर्जा चाहिए। क्रैश डाइट, खाना छोड़ना, लंबे उपवास या तेज़ी से बहुत वज़न घटाने पर शरीर ऊर्जा बचाने के लिए पीरियड रोक सकता है। यह किसी भी वज़न पर हो सकता है। अगर आपको अपने खाने को लेकर चिंता है, या खाना आपके लिए परेशानी बन गया है, तो डॉक्टर से ज़रूर बात करें, क्योंकि इसमें सही मदद ज़रूरी है।
3. ज़्यादा वज़न
ज़्यादा वज़न उन हार्मोन का संतुलन बिगाड़ सकता है जो ओव्यूलेशन शुरू करते हैं। इससे पीरियड लेट या अनियमित हो सकते हैं। नियमित खाने और रोज़ थोड़ी शारीरिक गतिविधि से थोड़ा वज़न भी कम हो, तो अक्सर साइकिल ज़्यादा नियमित हो जाता है। डॉक्टर यह भी जांच सकते हैं कि कहीं PCOS या थायरॉइड इसकी वजह तो नहीं।
4. बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़
ट्रेनिंग में अचानक बढ़ोतरी, जैसे मैराथन, खेल के ट्रायल या पुलिस या सेना के फ़िटनेस टेस्ट की तैयारी, पीरियड को लेट कर सकती है या रोक सकती है। ऐसा तब और होता है जब बढ़ी हुई मेहनत के हिसाब से खाना नहीं खाया जाता। थोड़ा आराम और अच्छा खाना आमतौर पर पीरियड वापस ले आता है।
5. PCOS
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक आम हार्मोन संबंधी समस्या है और अनियमित, लेट या मिस पीरियड की बड़ी वजह है। NHS अब इसे पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम या PMOS कहता है, हालांकि भारत में ज़्यादातर डॉक्टर अब भी PCOS या PCOD ही कहते हैं। इसके दूसरे संकेत हैं: मुंहासे या तैलीय त्वचा, चेहरे या शरीर पर ज़्यादा बाल, सिर के बाल पतले होना, वज़न बढ़ना, गर्दन या बगल में गहरे मखमली धब्बे, और गर्भधारण में मुश्किल। इसकी पहचान खून की जांच और कभी कभी अल्ट्रासाउंड से होती है। ज़्यादा जानकारी के लिए PCOS पर हमारा लेख पढ़ें।
6. थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड गर्दन में एक छोटी ग्रंथि है जो तय करती है कि शरीर ऊर्जा कैसे इस्तेमाल करे। थायरॉइड कम काम करे (हाइपोथायरॉइडिज़्म) या ज़्यादा (हाइपरथायरॉइडिज़्म), दोनों में साइकिल बदल सकता है। कम काम करने वाले थायरॉइड में थकान, वज़न बढ़ना, ठंड लगना और रूखी त्वचा हो सकती है। ज़्यादा काम करने वाले में वज़न घटना, दिल की तेज़ धड़कन, घबराहट और गर्मी लगना हो सकता है। एक सामान्य ब्लड टेस्ट से थायरॉइड की जांच हो जाती है, और इलाज से पीरियड अक्सर सामान्य हो जाते हैं।
7. हार्मोन वाली गर्भनिरोधक दवाएं
कंबाइंड पिल, प्रोजेस्टोजन वाली पिल, गर्भनिरोधक इंजेक्शन और हार्मोन छोड़ने वाली कॉइल (IUS) से पीरियड हल्के, अनियमित या पूरी तरह बंद हो सकते हैं। यह आमतौर पर नुकसानदेह नहीं होता। इन्हें बंद करने के बाद शरीर का अपना साइकिल लौटने में कुछ महीने लग सकते हैं। इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली लेने के बाद भी अगला पीरियड जल्दी या देर से आ सकता है। अगर गोली लेने के बाद पीरियड लेट हो, तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करें।
8. स्तनपान
स्तनपान के दौरान प्रोलैक्टिन नाम का हार्मोन ऊंचा रहता है, जो ओव्यूलेशन को रोक सकता है। कई महिलाओं को दूध पिलाने के दौरान महीनों तक पीरियड नहीं आते। ध्यान रखें कि पहला पीरियड लौटने से पहले भी प्रेग्नेंसी हो सकती है, क्योंकि ओव्यूलेशन पहले पीरियड से पहले होता है। क्या उम्मीद करें, यह डिलीवरी के बाद पहले पीरियड वाले लेख में बताया गया है।
9. मेनोपॉज़ से पहले का समय (पेरिमेनोपॉज़)
पेरिमेनोपॉज़ वह समय है जब मेनोपॉज़ आने वाला होता है, आमतौर पर 45 से 55 साल की उम्र के बीच। इस दौरान पीरियड जल्दी जल्दी, देर से, ज़्यादा, कम या कुछ महीने छोड़कर आ सकते हैं, फिर बंद हो जाते हैं। अचानक गर्मी लगना, रात को पसीना, नींद खराब होना और मूड बदलना भी आम है। कुछ महिलाओं को 40 की उम्र की शुरुआत से ही बदलाव दिखने लगते हैं। डॉक्टर आपको हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) जैसे इलाज के बारे में बता सकते हैं।
10. बीमारी, दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं और दवाएं
तेज़ वायरल बुखार, डेंगू, टाइफ़ाइड, कोविड या कोई भी बीमारी जो आपको कुछ दिन बिस्तर पर डाल दे, उस महीने ओव्यूलेशन टाल सकती है। डायबिटीज़ और दिल की बीमारी जैसी लंबी समस्याएं भी पीरियड पर असर डाल सकती हैं। कुछ लंबे समय तक ली जाने वाली दवाएं भी साइकिल बदल सकती हैं, इसलिए आप जो भी दवा लेती हैं, डॉक्टर को ज़रूर बताएं। डॉक्टर की लिखी दवा अपने आप कभी बंद न करें; पहले उसी डॉक्टर से पूछें।
एक नज़र में: पीरियड लेट होने की वजहें
| वजह | दूसरे संकेत | आमतौर पर क्या मदद करता है |
|---|---|---|
| तनाव | हाल में परीक्षा, काम का दबाव, घर के कार्यक्रम, कम नींद | आराम, नियमित दिनचर्या, किसी से बात करना; साइकिल अक्सर ठीक हो जाता है |
| कम खाना या अचानक वज़न घटना | हाल में डाइटिंग, उपवास, खाना छोड़ना | नियमित संतुलित भोजन; ज़रूरत हो तो डॉक्टर की मदद |
| ज़्यादा वज़न | धीरे धीरे वज़न बढ़ना, कभी कभी PCOS के संकेत | धीरे धीरे वज़न घटाना, रोज़ की गतिविधि, जांच |
| बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ | नई कड़ी ट्रेनिंग, थकान | ट्रेनिंग थोड़ी कम करना, पर्याप्त खाना |
| PCOS | मुंहासे, चेहरे पर बाल, वज़न बढ़ना, पीरियड में लंबा अंतर | डॉक्टर से पहचान और इलाज |
| थायरॉइड | थकान, वज़न में बदलाव, ज़्यादा ठंड या गर्मी लगना | ब्लड टेस्ट और इलाज |
| गर्भनिरोधक | तरीका शुरू किया, बदला या बंद किया, या इमरजेंसी गोली ली | आमतौर पर कुछ नहीं; शक हो तो डॉक्टर से पूछें |
| स्तनपान | बच्चा बार बार दूध पीता है | आमतौर पर कुछ नहीं; पीरियड बाद में लौट आते हैं |
| पेरिमेनोपॉज़ | 40 या 50 की उम्र, गर्मी लगना, नींद में बदलाव | डॉक्टर विकल्प बता सकते हैं |
| बीमारी या दवाएं | हाल में बुखार या इंफ़ेक्शन, नई दवा | ठीक होना; दवाओं के बारे में डॉक्टर से पूछें |
डॉक्टर से मिलें अगर
- लगातार तीन पीरियड मिस हो गए हैं
- पहले नियमित थे, अब पीरियड अनियमित हो गए हैं
- पीरियड लेट होने के साथ वज़न बढ़ना या घटना, थकान, चेहरे पर नए बाल, या बहुत रूखी या तैलीय त्वचा है
- दो प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आए हैं और पीरियड अब भी नहीं आया
- 15 साल की उम्र तक पीरियड शुरू नहीं हुए
- पीरियड अनियमित हैं और आप प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही हैं
- दो पीरियड के बीच में या संबंध के बाद खून आता है
तुरंत मदद लें अगर
अगर पीरियड लेट है और पेट के निचले हिस्से में अचानक तेज़ दर्द हो, खासकर एक तरफ़, कंधे के ऊपरी सिरे में दर्द हो, बहुत ज़्यादा खून आए, या बहुत चक्कर आएं या बेहोशी लगे, तो 112 या 108 पर कॉल करें या सबसे पास के अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं। ये एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के संकेत हो सकते हैं, यानी गर्भ का बच्चेदानी के बाहर ठहरना, जिसमें तुरंत इलाज ज़रूरी है, चाहे आपने टेस्ट किया हो या नहीं।
डॉक्टर क्या करेंगे
डॉक्टर या गायनेकोलॉजिस्ट आपसे आपके साइकिल, प्रेग्नेंसी की संभावना, वज़न, खान पान, एक्सरसाइज़, तनाव, दवाओं और दूसरे लक्षणों के बारे में पूछेंगे। पीरियड की तारीखें लिखकर या ऐप में साथ लेकर जाएं, इससे काफ़ी समय बचता है।
वे प्रेग्नेंसी टेस्ट, हार्मोन, थायरॉइड और ब्लड शुगर की जांच के लिए ब्लड टेस्ट, और कभी कभी बच्चेदानी और ओवरी देखने के लिए पेल्विक अल्ट्रासाउंड करवा सकते हैं। नतीजों के हिसाब से वे आपको गायनेकोलॉजिस्ट या एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, यानी हार्मोन विशेषज्ञ, के पास भेज सकते हैं।
इलाज वजह पर निर्भर करता है। डॉक्टर PCOS में पीरियड नियमित करने के लिए कंबाइंड पिल, थायरॉइड की दवा, पेरिमेनोपॉज़ में HRT, या तनाव और वज़न के लिए व्यावहारिक सलाह दे सकते हैं। वजह का इलाज होने पर अक्सर पीरियड फिर से नियमित हो जाते हैं।
इंतज़ार के दौरान क्या मदद करता है
- तारीखें नोट करें। हर पीरियड का पहला दिन लिखें, ताकि आप और डॉक्टर पैटर्न देख सकें।
- समय पर खाना खाएं। दाल, अंडा, पनीर या दूसरा प्रोटीन, रागी या मिलेट जैसे साबुत अनाज, सब्ज़ियां और फल शामिल करें। क्रैश डाइट और लंबे समय तक भूखे रहने से बचें।
- नींद का ध्यान रखें। खासकर परीक्षा या काम के व्यस्त दिनों में सोने का समय तय रखें।
- चलें फिरें, पर ज़रूरत से ज़्यादा नहीं। रोज़ टहलना या योग फ़ायदेमंद है; अचानक बहुत कड़ी ट्रेनिंग नहीं।
- पीरियड के लिए तैयार रहें। लेट पीरियड बिना बताए भी आ सकता है, और कभी कभी सामान्य से ज़्यादा भी। जिन दिनों उम्मीद हो, उन दिनों पीरियड पैंटी पहनना, या बैग में पैंटी लाइनर रखना, स्कूल, कॉलेज या ऑफ़िस में अचानक परेशानी से बचाता है।
पीरियड जल्दी लाने के बारे में गलतफ़हमियां
"पपीता, गुड़, अजवाइन या तिल खाने से पीरियड आ जाएगा।" ये भारतीय घरों में आम घरेलू नुस्खे हैं, लेकिन इसका कोई पक्का सबूत नहीं है कि कोई खाना भरोसे के साथ पीरियड शुरू कर देता है। सामान्य मात्रा में खाना ठीक है, बस इन पर निर्भर न रहें और इनकी वजह से प्रेग्नेंसी टेस्ट या डॉक्टर के पास जाने में देर न करें।
"पीरियड लेट होने का मतलब हमेशा कोई गड़बड़ है।" ज़्यादातर एक बार के लेट पीरियड की वजह आसान होती है, जैसे तनाव या बीमारी, और अगले साइकिल तक सब ठीक हो जाता है।
"टेस्ट नेगेटिव है तो मैं पक्का प्रेग्नेंट नहीं हूं।" बहुत जल्दी किया गया टेस्ट नेगेटिव आ सकता है। पीरियड न आए तो कुछ दिन बाद दोबारा टेस्ट करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीरियड कितना लेट हो तो चिंता करनी चाहिए? एक बार पीरियड लेट होना आमतौर पर गंभीर नहीं है। अगर एक हफ़्ते से ज़्यादा लेट है और आपने संबंध बनाए हैं, तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करें। लगातार तीन पीरियड मिस हों, तो डॉक्टर से मिलें।
क्या सिर्फ़ तनाव से पीरियड लेट हो सकता है? हां। तनाव इसकी सबसे आम वजहों में से एक है। अगर तनाव की वजह से बार बार पीरियड लेट हो रहे हैं, तो डॉक्टर से बात करें।
क्या प्रेग्नेंसी के बिना पीरियड 10 दिन लेट हो सकता है? हां। तनाव, बीमारी, वज़न में बदलाव, PCOS, थायरॉइड और गर्भनिरोधक, ये सब पीरियड को 10 दिन या उससे ज़्यादा लेट कर सकते हैं। पक्का करने के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट करें, और पीरियड न आए तो दोबारा करें।
क्या PCOS में टेस्ट नेगेटिव होने पर भी पीरियड मिस हो सकता है? हां। PCOS में पीरियड के बीच लंबा अंतर होना आम है। डॉक्टर ब्लड टेस्ट और कभी कभी अल्ट्रासाउंड से इसकी पुष्टि कर सकते हैं।
क्या सफ़र करने से पीरियड लेट हो सकता है? हो सकता है। लंबा सफ़र, टाइम ज़ोन बदलना, नींद बिगड़ना और सफ़र का तनाव एक महीने के लिए साइकिल खिसका सकते हैं।
क्या लेट पीरियड ज़्यादा भारी होता है? कभी कभी। लंबे अंतर के बाद आया पीरियड सामान्य से भारी लग सकता है। अगर हर एक दो घंटे में पैड भर जाता है, तो भारी पीरियड पर हमारा लेख पढ़ें।
क्या किशोर लड़कियों में पीरियड लेट होना सामान्य है? हां, खासकर शुरुआती कुछ सालों में। साइकिल को नियमित होने में समय लगता है। अगर तीन महीने से ज़्यादा पीरियड न आएं, तो डॉक्टर को दिखाएं।
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यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेता।
स्रोत: NHS: Missed or late periods, NHS: Irregular periods, NHS: Polyendocrine metabolic ovarian syndrome (PMOS), NHS: Doing a pregnancy test, ACOG: Your First Period